खता-ऐ-दिल मैँ एक खराब कर बैठा
अपनी ज़िन्दगी को मैँ शराब कर बैठा
इस इश्क़ को समझ कर ज़िन्दगी अपनी
एक गुनाह मैँ बेहिसाब कर बैठा……….................!!
D K
अपनी ज़िन्दगी को मैँ शराब कर बैठा
इस इश्क़ को समझ कर ज़िन्दगी अपनी
एक गुनाह मैँ बेहिसाब कर बैठा……….................!!
D K
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